
दिन भर चली कार्रवाई, आय से अधिक सम्पत्ति का मामला
छिंदवाड़ा। जिले के हर्रई और चांद की तत्कालीन सीएमओ दिशा डेहरिया के घर गुरूवार की सुबह छह बजे करीब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने आय से अधिक मामले में छापामार कार्रवाई की है। वर्तमान में वह बारासिवनी नगर पालिका में सीएमओ के पद पर पदस्त है। वही उनके पास सिवनी नगर पालिका अतिरिक्त प्रभार है। इस दौरान बारासिवनी महिला के नाम पर ढाई करोड़ की बेनामी संपति निकली है। जिसमें दुकान, मकान, कपड़ों का कारोबार, कारें सहित आभूषण और जेबर शामिल है। बता दें कि ईओडब्ल्यु में डीएसपी सहित 16 अधिकारी कर्मचारियों का काफिला बाराती बनकर चार कारों से उनके निवास पर पहुंचे थे। इधर ईओडब्ल्यु की दूसरी टीम ने सिवनी में पदस्त उनके कार्यालय पहुंची। जहां उनके निवास की जांच भी की है। इसके बाद टीम उन्हें उनके बारासिवनी स्थित मकान भी लेकर गई है। जहां महज सात हजार का बैंक बैलेंस मिला है। दरअसल छिंदवाड़ा के हर्रई और चांद में सीएमओ रहते हमेशा सुर्खियों में रही थी। परिषद में उन पर भारी भ्रष्टाचार सहित रिश्वत के आरोप लगे थे। इस मामले में उनकी शिकायतें भी की गई थी। ईओडब्ल्यु की टीम ने शिकायत के बाद पूरी जानकारी जुटाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
घर के सदस्यों के किया नजर बंद
टीम ने अल सुबह घर में प्रवेश करते ही घर में मौजूद सीएमओ दिशा डेहरिया के पिता भाई और उनकी बहन सहित अन्य सदस्यों को नजर बंद कर दिया गया। उनके सभी मोबाइल बंद कर दिए गए। बाहरी व्यक्तिओं के आने जाने पर रोक लगा दी गई थी। घर में रखी सभी अलमारियों सहित अन्य स्थानों पर दस्तावेज खंगाले गए। इस दौरान उनके साथ स्थानीय पुलिस कर्मी ओर महिला पुलिस कर्मी भी मौजूद थे। पुलिस ने पूरे घर को चारों तरफ से घेर रखा था।

लिपिक से सीएमओ तक का सफर
बाबू से सीएमओ तक का सफर की शुरूआत जिले के मुख्यालय डूडा आफिस से हुई थी। वह डूडा कार्यालय में लिपिक के पद पर कार्यरत थी। अधिकारियों की सांठ-गांठ कर वह सीधे हर्रई नगर परिषद की सीएमओ की कुर्सी पर बैठ गई। यहां से उनकी कार्यशैली पर प्रश्रचिन्ह उठने के कारण उनका तबादला चांद कर दिया गया। यहां भी उनकी वही कार्यशैली के चलते आम जनता परेशान होते रही। परिषद के कामकाजों में भारी भ्रष्टाचार के चलते विस चुनाव के दौरान उनका बारासिवनी तबादला कर दिया गया। इसके बाद चार महीने पूर्व उन्हें सिवनी का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है उनकी राजनीति से लेकर भोपाल तक सीधी एप्रोच है।
काम्प्लेक्स में रेडीमेड कपड़ों का कारोबार
मकान तोड़कर जो काम्प्लेक्स बनाया गया है। उसमें उनके भाई के रेडीमेड कपड़ों का कारोबार है। जिसमें जींस, शर्ट और टी-शर्ट सहित अन्य रेडिमेड का बड़ा कारोबार है। टीम ने दुकान में मौजूद माल की कीमत, काम्प्लेक्स की कीमत, मकान की कीमत और मुख्य मार्ग पर स्थित दुकान की कीमत पता करने पीडब्ल्यु के इंजीनियरों को बुलाया है। फिलहाल यह कितने की प्रापर्टी है। ईओडब्ल्युओ के डीएसपी ने इस बात का खुलासा नहीं किया है।

कार्यवाही के दौरान मिली बेनामी संपत्ति
कार्रवाई के दौरान महिला सीएमओ के नाम पर मकान, दुकान और वाहनों के दस्तावेज पाए गए है। जिसमें मकान और दुकान कुल 4-मकान 1 एमआईजी, कालोनी करीब 1500 वर्गफीट, मकान 2 एमआईजी कॉलोनी, करीब 3000 वर्गफीट, दुकान 1 मेनरोड नागपुर रोड, दुकान 2 जेके जीन्स, शॉप, एमआईजी कॉलोनी, कुल वाहन 05-चार पहिया वाहन 2, इको स्पोर्ट्स एवं के्रटा, दो पहिया वाहन 3 मिले है। वही घरेलू सामान एवं दुकान का सामान, नगद, सोने-चांदी के जेवर कुल कीमती लगभग 30 लाख रूपये मिले है। उक्त तीनों स्थानों पर सर्च कार्यवाही में आभूषण, मकान, दस्तावेज, बैंक खाते इत्यादि से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा रही है। सर्च कार्यवाही के दौरान प्राप्त जानकारी दस्तावेज के विश्लेषण पर लगभग 2.5 करोड़ रूपये मूल्य की अनुपातहीन संपत्ति का अनुमान है। सर्च कार्यवाही जारी है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में ईओडब्ल्यू इकाई जबलपुर से उपुअ एव्ही सिंह के नेतृत्व में एवं निरीक्षक प्रेरणा पाण्डेय, कीर्ति शुक्ला, छविकांती आर्मो द्वारा वारासिवनी, उपुअ स्वर्णजीत सिंह धामी के नेतृत्व में एवं उपुअ लक्ष्मी यादव, उनि विशाखा तिवारी द्वारा छिंदवाड़ा तथा उपुअ मुकेश खंपरिया के नेतृत्व में सिवनी में एक साथ कार्यवाही की जा रही है।